सोचा था घर बनाक

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सोचा था घर बनाकर बैठूंगा सुकून से, पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफिर बना डाला
सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब, बचपन वाला इतवार अब नही आता

हरिवंश राय बच्चन

मेरी इज्जत के लिए काफी है

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मेरी इज्जत के लिए काफी है के मैं तेरा बंदा हूँ..I और मेरी फिक्र के लिए ये काफी है कि तू मेरा खुदा है..I तू वैसा ही है जैसा मैं चाहता हूँ..I बस.. मुझे वैसा बना दे जैसा तू चाहता है।

Mohabbat Ka Matlab

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Mohabbat ka matlab intzaar nahi hota,
Har kisi ko dekhna pyar nahi hota,
Yu to milta hai roz mohabbat-e-paigam,
Pyar hai zindgi jo har baar nahi hota…….

Most of the things we desire in life are

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Most of the things we desire in life are expensive. But the truth is that what truly satisfies us are mostly free and within our reach Love, Joy & Laughter So, Dance, Walk, Let Go , Breathe, Sleep , Focus, Love, Forgive, Think positive, & Keep Smiling, Remove and Reduce stress and fill life with happiness